By: Ankita Parihar
Posted On : 03 Jul, 2026
राजस्थान की अनूठी भौगोलिक स्थिति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पशुधन पर निर्भर है। हजारों परिवारों के लिए, दूध उत्पादन केवल एक व्यवसाय नहीं है—यह उनकी दैनिक वित्तीय स्थिरता और आजीविका का मुख्य स्रोत है।
राजस्थान में डेयरी क्षेत्र तेजी से बढ़ा है। जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स और सहकारी समितियों (डेयरी बूथों) के विस्तार के साथ, बेहतरीन फैट और एसएनएफ (SNF) वाले उच्च गुणवत्ता वाले दूध की मांग पहले से कहीं अधिक हो गई है।
पशुपालकों को अक्सर हरे चारे की कमी, भीषण गर्मी (लू) और मानसून के बदलते मौसम का सामना करना पड़ता है। इसके कारण पशुओं का दूध उत्पादन अचानक गिर जाता है और कम फैट के कारण बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता।
यहीं पर नीरवी (नीरवी) एक बेहतरीन समाधान बनकर सामने आता है। विशेष रूप से भारतीय पशुओं की शारीरिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया नीरवी संतुलित पोषण का एक संपूर्ण पैकेज है।
नीरवी पशु आहार कार्बोहाइड्रेट, आवश्यक प्रोटीन, बाईपास फैट, विटामिन और खनिजों का एक सटीक मिश्रण प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अधिक दूध देने वाली संकर (क्रॉसभ्रेड) गायों और स्वदेशी नस्लों को हर दिन सही पोषण मिले।
एक गाय या भैंस तभी उच्च गुणवत्ता वाला दूध दे सकती है जब उसका पाचन तंत्र पूरी तरह ठीक हो। नीरवी आहार आसानी से पचने वाले फाइबर से भरपूर है जो पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) को बढ़ाता है।
दूध देने वाले पशुओं को भारी मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है। नीरवी उच्च गुणवत्ता वाले ऊर्जा स्रोत प्रदान करता है जो ब्याने के बाद पशुओं का वजन अचानक कम होने से रोकता है और उन्हें ऊर्जावान बनाए रखता है।
अपने पशुओं के लिए नीरवी चुनने पर आपको सीधे ये बदलाव देखने को मिलते हैं:
अधिक दैनिक दूध उत्पादन: पशु लंबे समय तक अपने पूरे दूध की क्षमता पर बने रहते हैं।
बेहतर दूध की गुणवत्ता और फैट: दूध में फैट और SNF की मात्रा को सीधे बढ़ाता है, जिससे डेयरी सेंटर पर आपको सबसे ऊंचा रेट मिलता है।
पशु स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार: इसमें मौजूद खनिज पशुओं को थनैला (Mastitis) जैसी बीमारियों और मौसमी तनाव से बचाते हैं।
बेहतर प्रजनन क्षमता: पशु समय पर हीट में आते हैं, जिससे दो ब्यात के बीच का समय कम होता है।
चारे की कम बर्बादी: यह आहार इतना स्वादिष्ट होता है कि पशु इसे पूरी चाव से खाते हैं और जूठन नहीं छोड़ते।
ज्यादा दूध और बेहतरीन फैट का सीधा मतलब है डेयरी कलेक्शन सेंटर पर हर रोज ज्यादा मुनाफा और आपके परिवार की आर्थिक मजबूती।
नीरवी पशुओं की अंदरूनी इम्युनिटी को मजबूत करता है, जिससे डॉक्टर बुलाने का खर्च, महंगी दवाइयों और बाहरी सप्लीमेंट्स का अतिरिक्त खर्च पूरी तरह बच जाता है।
लोकल या बिना ब्रांड वाले चारे की तुलना में नीरवी पर खर्च किया गया एक-एक रुपया सीधे अतिरिक्त दूध और मुनाफे के रूप में आपके पास वापस आता है।
चाहे आपके पास अधिक दूध देने वाली होल्सटीन फ्रिसियन (HF) और जर्सी गायें हों, या फिर राठी, गीर और थारपारकर जैसी देसी नस्लें—नीरवी सभी पर समान रूप से प्रभावी है।
नीरवी को पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से संतुलित किया गया है ताकि हमारे यहां के मौसम और वातावरण में भी पशुओं का दूध उत्पादन लगातार बना रहे।
नीरवी आहार का पूरा लाभ उठाने के लिए इन बुनियादी बातों का पालन जरूर करें:
पशुओं को दाना देने का समय सुबह और शाम को बिल्कुल तय रखें। सही समय पर खाना देने से पशु का हाजमा हमेशा दुरुस्त रहता है।
1 लीटर दूध बनाने के लिए गाय को लगभग 4 से 5流 (लीटर) पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए पशुओं के सामने 24 घंटे साफ और ताजा पानी मौजूद रहना चाहिए।
समय पर पेट के कीड़ों की दवा (deworming) और टीकाकरण का ध्यान रखें ताकि चारे का पूरा पोषण सीधे आपके पशु के शरीर को लगे।
राजस्थान में डेयरी के धंधे को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए पारंपरिक और कमजोर चारे से आगे बढ़ना होगा। नीरवी को अपनाकर आप न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपने पशुधन को हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रख सकते हैं।